बाराबंकी के लिए अविस्मरणीय रहा गणतंत्र दिवस

जलशक्ति अभियान से न सिर्फ जल की बचत होती है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा भी होती है। पक्षियों का झील पर विचरण करना इस बात का प्रमाण है।

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 27 किलोमीटर दूर स्थित जनपद बाराबंकी अचानक राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया। 26 जनवरी, 2020 बाराबंकी के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। विकास और सामाजिक समरसता से सराबोर बाराबंकी ने 26 जनवरी को ऐसे मुकाम हासिल किए, जो आजीवन जनपदवासियों के लिए अविस्मरणीय रहेंगे।

देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तुत की गई झांकी में बाराबंकी के देवा स्थित हाजी वारिस अली शाह की दरगाह का भी प्रस्तुतीकरण किया गया था।

आखिर क्यों राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा बाराबंकी

बाराबंकी जनपद ने अब तक कई ऐसे कीर्तिमान बनाए हैं, जो उसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में सफल रहे हैं। लेकिन, 26 जनवरी, 2020 बाराबंकी जनपद के लिए अविस्मरणीय रही है। देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाली परेड में उत्तर प्रदेश की ओर से प्रस्तुत की गयी झांकी में बाराबंकी स्थित हाजी वारिस अली शाह की दरगाह का माॅडल प्रस्तुत किया गया। जोकि, हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है।

साथ ही, 26 जनवरी, 2020 को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष और दशक के प्रथम ‘मन की बात’ संस्करण में बाराबंकी के रामसनेही घाट तहसील क्षेत्र स्थित सराही झील का भी जिक्र किया, जोकि ग्रामीणों और प्रशासन के अथक प्रयास से आज पुनः न सिर्फ जल से परिपूर्ण है, बल्कि वहां पक्षियों के कलरव भी गूंज रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने ‘जलशक्ति अभियान’ का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

सराही झील पर यह बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बाराबंकी की सराही झील का जिक्र किया। उन्होनें कहा कि, ‘43 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली सराही झील अपनी अंतिम सांसे गिन रही थी। लेकिन, ग्रामीणों ने अपनी संकल्प शक्ति से इसमें नई जान डाल दी। इतने बड़े मिशन के रास्ते में इन्होंने किसी भी कमी को आड़े नहीं आने दिया।’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि, ‘एक के बाद एक कई गांव आपस में जुड़ते चले गए। इन्होंने झील के चारों ओर एक ऊंचा तटबंध बना डाला। अब झील पानी से लबालब है और आस-पास का वातावरण पक्षियों के कलरव से गूंज रहा है।’

यह बोले जिलाधिकारी

गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तुत की गई झांकी में बाराबंकी स्थित हाजी वारिस अली शाह की दरगाह का माॅडल प्रस्तुत होने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में जिले के रामसनेही घाट स्थित सराही झील के पुर्नजीवित होने से जनपदवासियों में काफी उत्साह है।

बाराबंकी के जिलाधिकारी डाॅ. आदर्श सिंह ने कहा कि, ‘यह जनपद के लिए गौरव की बात है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनपद का नाम राष्ट्रीय स्तर चमका है। इसके लिए जनपदवासियों को शुभकामनाएं देता हूं।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘बाराबंकी हमेशा साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल रहा है।’ साथ ही, झील को पुर्नजीवित करने में अपार सहयोग के लिए क्षेत्रवासियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है। डीएम श्री सिंह ने कहा कि, ‘जलशक्ति अभियान से न सिर्फ जल की बचत होती है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा भी होती है। पक्षियों का झील पर विचरण करना इस बात का प्रमाण है।’

New Delhi | PBNS Bureau