सार्वजनिक उद्यम सर्वेक्षण 2018-19 के प्रमुख अंश

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Heavy Industries

औद्योगिक विकास की ओर तेज़ी से बढ़ रहा भारत ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम 8.55 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। साथ ही सभी सीपीएसई में लगाई गई कुल पूंजी 2018 की तुलना में 2019 में लगाई गई कुल पूंजी की 11.71 प्रतिशत अधिक है। यह रिपोर्ट सोमवार को संसद के दोनों सदनों में पेश की गई। ‘सार्वजनिक उद्यम सर्वेक्षण 2018-19’ रिपोर्ट में भारत सरकार के भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय का सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) हर वर्ष केन्‍द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों (सीपीएसई) के प्रदर्शन पर सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण के आंकड़े प्रस्तुत किए गए।

सर्वेक्षण के अनुसार 31 मार्च, 2019 तक कुल मिलाकर 348 सीपीएसई थे जिनमें से 249 परिचालन में थे, शेष 86 सीपीएसई निर्माणाधीन थे और 13 सीपीएसई बंद होने या परिसमापन की स्थिति में थे।

एक नज़र डालते हैं वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान सीपीएसई के प्रदर्शन पर:

  • सभी सीपीएसई की कुल चुकता पूंजी 31 मार्च, 2019 को 2,75,697 करोड़ रुपये रही, जो 31 मार्च, 2018 को आंकी गई 2,53,977 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी की तुलना में 8.55 प्रतिशत अधिक है।
  • सभी सीपीएसई में कुल वित्तीय निवेश 31 मार्च, 2019 को 16,40,628 करोड़ रुपये आंका गया, जो 31 मार्च, 2018 को दर्ज 14,31,008 करोड़ रुपये के वित्तीय निवेश के मुकाबले 14.65 प्रतिशत अधिक है।
  • सभी सीपीएसई में लगाई गई कुल पूंजी 31 मार्च, 2019 को 26,33,956 करोड़ रुपये आंकी गई जो 31 मार्च, 2018 को दर्ज 23,57,913 करोड़ रुपये की लगाई गई कुल पूंजी की तुलना में 11.71 प्रतिशत ज्‍यादा है।
  • वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान सभी सीपीएसई को परिचालन से कुल मिलाकर 25,43,370 करोड़ रुपये का सकल राजस्‍व अर्जित हुआ, जो पिछले वित्त वर्ष के 21,54,774 करोड़ रुपये के राजस्‍व के मुकाबले 18.03 प्रतिशत अधिक है।
  • वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान सभी सीपीएसई की कुल आय 24,40,748 करोड़ रुपये आंकी गई जो वित्त वर्ष 2017-18 में दर्ज 20,32,001 करोड़ रुपये की कुल आय की तुलना में 20.12 प्रतिशत ज्‍यादा है।
  • मुनाफे में चल रहे 178 सीपीएसई का कुल लाभ वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 1,74,587 करोड़ रुपये आंका गया, जो वित्त वर्ष 2017-18 में हुए 1,55,931 करोड़ रुपये के कुल लाभ के मुकाबले 11.96 प्रतिशत अधिक है।
  • घाटे में चल रहे 70 सीपीएसई का कुल घाटा वर्ष 2018-19 में 31635 करोड़ रुपये रहा जो वर्ष 2017-18 में हुए घाटे की तुलना में 1.69 प्रतिशत कम है।
  • परिचालन वाले सीपीएसई का कुल शुद्ध मुनाफा वर्ष 2018-19 के दौरान 1,42,951 करोड़ रुपये रहा जो वर्ष 2017-18 में हुए 1,23,751 करोड़ रुपये के कुल शुद्ध मुनाफे के मुकाबले 15.52 प्रतिशत अधिक है।
  • सभी सीपीएसई की शुद्ध संपत्ति 31 मार्च, 2018 को दर्ज 11,15,552 करोड़ रुपये से बढ़कर 31 मार्च, 2019 को 12,08,758 करोड़ रुपये हो गई जो 8.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
  • वस्‍तुओं एवं सेवाओं के निर्यात के जरिए 79 सीपीएसई की विदेशी मुद्रा आय वर्ष 2017-18 के 98,714 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2018-19 में 1,43,377 करोड़ रुपये हो गई, जो 45.24 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
  • आयात एवं रॉयल्‍टी, आवश्‍यक जानकारियों, परामर्श एवं ब्‍याज पर 144 सीपीएसई का विदेशी मुद्रा व्‍यय और अन्‍य खर्च वर्ष 2018-19 में 6,64,914 करोड़ रुपये आंका गया जो वर्ष 2017-18 में हुए 5,22,256 करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा व्‍यय और अन्‍य खर्च की तुलना में 27.32 प्रतिशत अधिक है।

सर्विस सेक्टर में तेज़ी से आगे बढ़ता भारत

New Delhi | PBNS Bureau