2022 तक ग्रामीण क्षेत्रों में होगा 2.95 करोड़ आवासों का निर्माण

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सबके लिए आवास योजना के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कार्य जारी है। इस बीच संसद में प्रधानमंत्री आवास योजना ( PMAY-G) को लेकर कई सवाल पूछे गए। सीपी जोशी और रविंदर कुशवाहा ने सदन में सरकार से जानना चाहा की  PMAY-G के अंतर्गत 2022 तक ग्रामीण क्षेत्रों में कितने आवासों के निर्माण का लक्ष्य है।  इसके साथ ही योजना के लिए आवंटित राशि, निर्माण का ब्योरा, योग्यता  के अलावा बचे हुए आवासीय निर्माण कब तक पूरे किए जाएंगे।

जिसके जवाब में ग्रामीण विकास मंत्री नरंद्र सिंह तोमर ने विस्तार से विवरण  दिया। उन्होंने बताया की  PMAY-G के तहत वर्ष 2022 तक “सबके लिए आवास” का लक्ष्य प्राप्त करने के उद्देश्य है। उनहोंने बताया कि 1 अप्रैल, 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2022 तक 2.95 करोड़ आवासों के निर्माण के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है।

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार लक्ष्य और उपलब्धियां

आवास योजना के तहत लाभार्थियों को पक्के मकानों के निर्माण के लिए मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रूपए (जो पूर्ववर्ती इंदिरा आवास योजना के तहत 70,000 रूपए थी) रखी गई है। पहाड़ी राज्यों, दुर्गम क्षेत्रों और एकीकृत कार्य योजना (आईएपी) जिलों में 1.30 लाख रूपए (जो पूर्ववर्ती इंदिरा आवास योजना के तहत 75,000 रूपए थी) की बढ़ी हुई इकाई सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा योजना) के साथ तालमेल करके 90/95 श्रम दिवस का अकुशल मजदूरी रोजगार और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी) के साथ तालमेल, मनरेगा योजना या वित्तपोषण के अन्य किसी विशेष स्रोत्र के माध्यम से शौचालय के निर्माण के लिए 12,000 रूपए प्रदान करने का प्रावधान है। उन्होंने ये भी बताया कि फिलहाल पीएमएवाई-जी के तहत इकाई सहायता बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

योग्यता

ऐसे परिवार, जो योजना के प्रावधानों के अनुसार यद्यपि योग्य है लोकिन एसईसीसी (लाभार्थियों की पहचान करने के लिए Social Economic Caste Census-SECC ) , 2011 के आधार पर तैयार की गई पीएमएवाई-जी की स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीब्ल्यूएल) में शामिल नहीं किए जा सके थे, ऐसे लाभार्थियों की पहचान करने और उनका डाटा मोबाइल एप्लिकेशन “आवास+” के माध्यम से दर्ज करने के लिए पूरे देश में प्रक्रिया चलाई गई थी। पूरे देश में कुल 3.67 करोड़ परिवारों का आवास पर डाटा अपलोड किया गया है। इस मंत्रालय ने “आवास” डाटा के विश्लेषण के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। साथ ही उन्होंने बताया कि शेष आवासीय इकाइयों का निर्माण वर्ष 2022 तक लक्षित है।

वित्तीय वर्ष 2019-2020 में यानी दूसरे चरण में 6 फरवरी 2020 तक के डाटा के अनुसार कुल 59,90,000 आवासों का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया, जिनमें से 41,13,321 आवास स्वीकृत हुए और 7,18,213 मकानों का निर्माण किया गया।
दूसरे चरण में पांच शीर्ष राज्य-
2019-2020
शीर्ष राज्य लक्ष्‍य स्‍वीकृत पूरे किए गए
ओडिशा 740464 538627 177545
मध्‍य प्रदेश 832100 372723 148015
उत्तर प्रदेश 178900 164817 112718
झारखंड 322000 292498 63159
रास्थान 450816 363764 61215
पहले चरण में 2016-17 से 2018-19 के बीच पीएमएवाई के अंतर्गत कुल 99,96,012 आवासों के निर्माण का लक्ष्‍य रखा गया, जिनमें 97,98,232 पर स्वीकृति प्रदान की गई और कुल 87,33,926 आवासों का निर्माण किया गया।
पहले चरण में पांच शीर्ष राज्य-
2016-17 से 2018-19
शीर्ष राज्य लक्ष्‍य स्‍वीकृत पूरे किए गए
पश्चिम बंगाल 1,397,474 1,393,041 1,349,028
मध्‍य प्रदेश 1,403,593 1,402,823 1,336,988
उत्तर प्रदेश 1,282,616 1,280,947 1,259,378
ओडिशा 992,558 992,560 873,894
बिहार 1,176,617 1,133,362 790,498
New Delhi | PBNS Bureau