भारत-पुर्तगाल के कूटनीतिक एवं व्यापारिक रिश्‍ते

पुर्तगाल के राष्‍ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूज़ा चार दिवसीय यात्रा पर भारत आये हुए हैं। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 7 अहम समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए

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Rebelo De Souza, Narendra Modi

पुर्तगाली जहाज के कमांडर वास्को द गामा वर्ष 1497 अपने एक समुद्री मिशन पर निकले और  के बीच भारत और पुर्तगाल के बीच समुद्री मार्ग की खोज करते-करते 20 मई 1498 को पुर्तगाली जहाज के कमांडर जब अपने साथियों के साथ भारत पहुंचे। बस उसी दिन से भारत और पुर्तगाल के बीच व्यापारिक रिश्‍ते बने और आज कूटनीतिक और व्‍यापारिक रिश्‍तों के साथ-साथ दोनों देश एक दूसरे के बेहद करीबी दोस्त हैं। 1950 में थोड़ी बहुत खटास आयी थी, लेकिन 1974 में एक बार फिर दोनों एक दूसरे के दोस्‍त बने और आज अंतरिक्ष, मैरीटाइम इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, रक्षा उपकरण समेत कई क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।

पुर्तगाल और भारत के संबंधों के बारे में जानना आज इसलिए जरूरी है, क्योंकि पुर्तगाल के राष्‍ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूज़ा चार दिवसीय यात्रा पर भारत आये हुए हैं। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 7 अहम समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए, जिसके तहत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई बड़े कार्य दोनों देश मिलकर करेंगे।

भारत-पुर्तगाल के संबंध

भारत और पुर्तगाल के बीच व्‍यापारिक रिश्‍तों का एक लंबा इतिहास रहा है। स्वतंत्रता के बाद की बात करें तो 1947 से दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की एक नई शुरुआत हुई और कूटनीतिक संबंध 1949 में स्‍थापित हुए। भारत के पश्चिमी हिस्से में स्थित गोवा, दमन एंड दीव, दादन एंड नागर हवेली में पुर्तगाल का राज था। 1950 में जब पुर्तगाल ने इन क्षेत्रों को छोड़ने से इंकार कर दिया तब दोनों देशों के बीच खटास पैदा हुई। 1955 तक दोनों देशें ने अपने कूटनीतिक संबंधों को पूरी तरह खत्म कर दिया। 1961 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत गोवा, दमन एवं दीव, दादर एवं नागर हवेली को पुर्तगालियों से आज़ार करा लिया। 31 दिसंबर 2974 को एक संधिपत्र पर हस्‍ताक्षर किए गए और एक बार फिर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध स्‍थापित हुए। आज दोनों एक दूसरे के करीबी मित्र हैं। पुर्तगाल और भारत कई अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ काम कर रहे हैं।

विश्‍व पटल पर भारत और पुर्तगाल एक दूसरे का समर्थन करते हैं। संयुक्त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्‍थाई सदस्य बनाने के लिए पुर्तगाल भारत का समर्थन करता है। अक्तूबर 2005 में आतंकी गतिविधियों के आरोपी अबु सलेम और मो निका बेदी के पत्‍यर्पण में पुर्तगाल ने बड़ी भूमिका निभाई थी। 9 अक्तूबर 2015 को पश्चिमी देशों और यूरोपीय देशों में पुर्तगाल पहला ऐसा देश बना जिसने भारत में नालंदा विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना के लिए समझौता पत्र पर हस्‍ताक्षर किए। नवंबर 2015 में जब भारतीय मूल के एंटोनियो कोस्टा पुर्तगाल के प्रधानमंत्री बने, तो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नये रंग देखने को मिले। जून 2000 में लिस्बन में भारत-ईयू शिखर सम्मेलन भारत-यूरोपियन यूनियन के रिश्‍तों को लेकर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत-पुर्तगाल के संबंधों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्‍य

  • 2017 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुर्तगाल गए तो दोनों देशों के बीच 11 समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए गए।
  • 2017 में दोनों देशों ने अंतरिक्ष विज्ञान, नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, पब्लिक एडमिनिस्‍ट्रेशन एंड गवर्नेंस, आदि के क्षेत्र में दोनों देशों ने साझा रूप से कार्य करने पर समझौते किए।
  • 2017 में भारत-पुर्तगाल ने 4 मिलियन यूरो का एक संयुक्त एस एंड टी फंड भी बनाया।
  • पुर्तगाल में भारतीय मूल के करीब 70 हजार लोग निवास करते हैं।
  • 2016 में पुर्तगाल सरकार द्वारा मुहैया कराये गए आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2016 तक पुर्तगल में 7244 भारतीय थे।
  • दो धाराओं में भारतीयों का पलायन पुर्तगाल में हुआ- पहला 1961 के पहले गोवा, दमन एंव दीव से भारत के लोग पुर्तगाल गए।
  • 70 के दशक में जो भारतीय पलायन जाकर बसे उनमें से अधिकांश लोग मोज़ाम्‍बीक और एंगेलावेन में रहने वाले गुजराती थे।
  • पुर्तगाल में रहने वाले भारतीय ‘KnowIndia’ और ‘Know Goa’ आदि कार्यक्रमों का हिस्सा बनते हैं।
  • पुर्तगाल के लिसबन विश्‍वविद्यालय में 2016 में सेंटर फॉर इंडियन स्‍टडीज़ की स्‍थापना की गई। भारत पर अध्‍ययन का यह पुर्तगल में पहला संस्‍थान है।
  • लिसबन विश्‍वविद्यालय के सेंटर फॉर इंडियन स्‍टडीज़ में हिन्‍दी भाषा का पाठ्यक्रम चलाया जाता है, जिसमें 240 से अधिक पुर्तगाली छात्र प्रवेश ले चुके हैं।
  • करीब दो वर्ष पूर्व इंडियन स्‍टडीज़ संस्‍थान ने हिन्‍दी-पुर्तगाली ऑनलाइन और ऑफलाइन शब्दकोश भी लॉन्‍च किया था, जो इस संस्‍थान के बच्‍चों के बीच प्रचलित है।
  • 15 अगस्त 2018 को पुर्तगाल के वास्को द गामा गार्डन में भारत का स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया था, जिनमें दोनों देशों के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था।

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New Delhi | PBNS Bureau