नए भारत की ताकत पहचानिए क्योंकि यह है न्यू इंडियाः योगी आदित्यनाथ

भारत को एक राष्ट्र नहीं मानने वाले मेनन ने जब इस देश को गहराई से देखा तो पाया कि पूरे देश की भावनाएं एक जैसी हैं।

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‘देश 1947 में आजाद हुआ। लेकिन, उस वक्त बहुत से लोगों को गलतफहमी थी कि यह देश 1947 में बना। इसीलिये मैकाले की मानसिकता वाले लोगों ने उस बात को बढ़ाचढ़ाकर पेश किया कि हम राष्ट्र बनने की प्रक्रिया में हैं।’
यह बात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव के उद्घाटन सम्बोधन दौरान कही।

जेएनयू हिंसा पर बोले योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि, ‘जिन लोगों को भारत के अतीत की जानकारी ही नहीं है, वे भारत को एक राष्ट्र मानने से इनकार करते रहे। देश के कुछ चुनिन्दा उच्च शिक्षण संस्थानों में लगने वाले नारे इस बात के बारे में हम सबको निरन्तर कचोटते हैं।’
उन्होनें आगे कहा कि, ‘हम सबको सचेत भी करते हैं कि इस देश के खिलाफ षड्यंत्र के अड्डे कहां पर हैं।’

देवताओं द्वारा निर्मित भूभाग ‘भारत’

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि, ‘ढाई हजार साल पुराना विष्णु पुराण कहता है कि हिमालय से दक्षिण और समुद्र से उत्तर तक जो देवताओं द्वारा निर्मित भूभाग है, वह भारत है और उसकी संतति ही भारतीय कहलाती है। यह उन लोगों की आंखों को खोलने वाला होना चाहिये जो कहते हैं कि हम अभी राष्ट्र बनने की प्रक्रिया में हैं।’

पूरे देश की भावनाएं एक जैसी

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री सी. अचुता मेनन के 80 के दशक में लिखे एक लेख का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘भारत को एक राष्ट्र नहीं मानने वाले मेनन ने जब इस देश को गहराई से देखा तो पाया कि पूरे देश की भावनाएं एक जैसी हैं। अगर टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग इसी बात को समझ लेते तो उनकी ऐसी मानसिकता नहीं होती।’

नये भारत की ताकत पहचानिए

सीएम योगी ने कहा कि, ‘दुनिया में जब दो देशों के बीच जंग होती थी, तब अमेरिका और रूस से ही मध्यस्थता की बात कही जाती थी। मगर, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में मध्यस्थता के लिये भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिये आवाज उठी है। यह न्यू इंडिया है। हम सबको इस नये भारत की ताकत को पहचानना होगा। इसके लिये हम सभी को प्रधानमंत्री के संकल्प से जुड़ना होगा।

New Delhi | PBNS Bureau