जल्द पूरा होगा दुनिया के सबसे ऊंचे पुल का निर्माण

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Chenab Rail Bridge

भारत में एक ऐसे रेलवे पुल का निर्माण हो रहा है, जो पेरिस में बने एफिल टावर से भी ऊंचा होगा। जम्मू कश्मीर में चेनाब नदी के उपर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बन रहा है। नदी के तल से इस पुल की ऊंचाई 1178 फीट होगी, जबकि सतह से इसकी ऊंचाई 1056 फीट होगी। असल में यह पुल अपनी ऊंचाई की वजह से सुर्खियों का केन्द्र बना हुआ है। इस पुल की लंबाई 1.3 किलोमीटर होगी। यह पुल बक्कल और कौरी के बीच बन रहा है। इस पुल से गुजरने वाला रेल मार्ग कटरा और बनिहाल को जोड़ेगा।

यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला के रेल लिंक का एक भाग है। यह पुल कश्‍मीर घाटी को देश के अन्य भागों से जोड़ने का काम करेगा। इस पुल के निर्माण का फैसला एक राष्‍ट्रीय परियोजना के रूप में 2002 में लिया गया था। इस रेल परियोजना के अंतर्गत टनल और पुल बनाना बड़ी चुनौतियों के रूप में सामने आये। उनमें से भी सबसे बड़ी चुनौती चेनाब नदी के ऊपर बन रहा यह पुल है। चुनौती इसलिये क्योंकि सलल जल-विद्युत बांध के पास बन रहा यह पुल एक गहरी खायी को पार करेगा।

ब्लास्ट प्रूफ स्टील का प्रयोग

इस पुल को बनाने में 1100 करोड़ की लागत आयेगी। इसमें 24 हजार टन लोहे और 5462 टन स्टील का इस्तेमाल किया जाएगा। पुल के निर्माण में लगने वाला स्टील ब्लास्ट प्रूफ है, जिससे किसी भी प्रकार के आंतकी हमले का कोई असर आसानी से नहीं होगा। इसके पिलर भी इस तरह डिजाइन किये गए हैं की इस पर किसी भी तरह के ब्लास्ट का असर नहीं होगा।

इस पुल पर हवा की गति को मापने के लिये सेंसर भी लगाए जा रहे हैं, जिससे की हवा की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक होने पर सिग्नल अपने आप लाल हो जायेगा और ट्रेन को पुल पर जाने से पहले ही रोक दिया जायेगा।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 11 जनवरी को ट्विटर पर‍ लिखा कि यह पुल यह एक ड्रीम प्राजेक्ट है। यह पुल कश्‍मीर घाटी में व्यापार को बढ़ावा देने में मददगार होगा। साथ ही भारतीय सेना के लिये रणनीति तय करते समय मददगार साबित होगा।

कोंकण रेलवे के चेयरमैन संजय गुप्ता के अनुसार 150 साल के इतिहास में यह सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। 2021 दिसंबर तक इस पुल का काम पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे चेयरमैन ने यह भी बताया की यह पुल पर्यटकों के लिये आकर्षण का केंद्र भी होगा।

इस पुल का निर्माण कार्य पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल 2002 में शुरु हुआ था, जो कि 2008 मे कुछ समय के लिये रोक दिया गया था, यह कहकर की ये असुरक्षित है। साल 2010 में एक बार फिर इसका काम शुरु किया गया और अब दुनिया के सबसे ऊंचे पुल का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। निर्माण पूरा होने पर यह पुल चीन के शुईबाई रेल ब्रिज का रिकॉर्ड तोड़ेगा, जिसकी ऊंचाई 275 मीटर यानी 902 फीट है।

New Delhi | PBNS Bureau