करीब दो दशक से सीडीएस पर हो रही थी चर्चाः राजनाथ

कोई सैनिक सेना के लिए अपनी सक्रिय सेवा भले ही छोड़ दे मगर सेना को अपने सैनिकों को एक संस्था के रूप में कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

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भारत अगर आज सुरक्षित है तो इसका पूरा श्रेय सेना के जवानों को जाता है। सीडीएस के आने से तीनों सेनाओं को निश्चित तौर पर एक नई दिशा मिलेगी। बात अगर सीडीएस के पद की करें तो इस पद को सृजित करने पर चर्चा पिछले दो दशकों से चल रही थी। यह बात देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज पूर्व सैनिकों को सम्बोधित करते समय कही। रक्षा मंत्री सप्तशक्ति कमान में राष्ट्रीय गौरव सेनानी दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कार्यक्रम में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और थलसेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद थे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीडीएस के सम्बन्ध में कहा, ‘सीडीएस पर देश में 20-21 साल से चर्चा चल रही थी। लेकिन रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद जैसे ही मैंने प्रधानमंत्री से चर्चा की तो उन्होंने क्षण भर की देर नहीं लगाई। उन्होंने हां कह दिया। जून में हमारी उनसे इस पर चर्चा हुई और 15 अगस्त को घोषणा कर दी गयी।’

पूर्व सैनिकों से मिली प्रेरणा

उन्होनें जोर देकर कहा, ‘प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ या सीडीएस) पद सृजित करने की प्रेरणा उन्हें पूर्व सैनिकों से ही मिली थी।’ उन्होनें आगे कहा कि, ‘पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान की परंपरा लंबे समय से इस देश में चली आ रही है। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि कोई सैनिक सेना के लिए अपनी सक्रिय सेवा भले ही छोड़ दे मगर सेना को अपने सैनिकों को एक संस्था के रूप में कभी नहीं छोड़ना चाहिए।’

आपकी बदौलत सुरक्षित है भारत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज सुरक्षित है, भारत की सीमाएं, भारत की एकता और अखंडता सुरक्षित है तो इसका पूरा श्रेय भारत आप जैसे बहादुर लोगों को देना चाहता है, देश की सेना के जवानों को देना चाहता है।

New Delhi | PBNS Bureau