जानिए क्या है थिएटर कमांड्स

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Theatre Commands

देश में पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ने पदभार ग्रहण करने के बाद थिएटर कमांड्स की बात कही। उन्‍होंने कहा कि भारत थिएटर कमांड्स का खुद का मॉडल तैयार करेगा, जो पश्चिमी देशों के थिएटर कमांड मॉडल से एकदम अलग होगा। जनरल रावत की बात से यह साफ है कि भारत ने इस दिशा में कदम उठा लिया है और जल्द ही थिएटर कमांड्स का नया मॉडल तीनों सेनओं के सामने होगा।

लेकिन क्या है थिएटर कमांड्स, कैसे काम करता है और थिएटर कमांड्स देश की सीमाओं को कैसे सुदृढ़ कर सकता है…आइए जानते हैं।

क्या है थिएटर कामांड्स

थिएटर कमांड्स का निर्माण भौगोलिक आधार पर किया जाता है, जहां देश की थल सेना, जल सेना, वायु सेना की कुछ टुकड़ियों को एक साथ लाकर समान भौगोलिक क्षेत्र में एक ही ऑपरेशनल कमांडर के नेतृत्व में युद्ध क्षेत्र को हैंडल करना होता है। ऐसे कमांड्स का मकसद होता है कि जल, जमीन और हवा में सामंजस्य बनाकर युद्ध अभियानों का संचालन हो।

Indian Armed Forces

युद्ध जैसे हालात में बेहद कारगर

अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्र के लिए अलग थिएटर कमांड्स होते हैं जो उन इलाकों में किसी युद्ध क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रण में रखने का काम करते हैं। फिर चाहे आर्मी हो, एयर फोर्स या नेवी हो, थिएटर कमांड्स इनका आपस में सामंजस्य बनाकर युद्ध में सफलता सुनिश्चित करते हैं। देश के करीब 14 लाख से ज्यादा सैन्य बल को एकजुट करने के लिए थिएटर कमांड जरूरी है। तीनों सेनाओं के जवान एक साथ काम करेंगे तो इससे खर्च में भी कमी आती है और युद्ध या किसी भी विपरीत परिस्थिति में रणनीति बनाना आसान होता है।

सेना होगी सशक्त

ऐसा नहीं है कि भारत में थिएटर कमांड्स नहीं है। 2001 में अंडमान निकोबार में थियेटर कमांड्स का गठन हुआ था। इसके अलावा देश में अभी तीनों सेनाओं के 17 अलग-अलग कमांड्स हैं। इनमें सात थियेटर कमांड्स थल सेना के पास, सात वायुसेना के पास और तीन नौसेना के पास है। साथ ही एक थियेटर कमांड्स परमाणु शस्त्रागार को सुरक्षा देने वाले स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड के रूप में है। हालांकि यह तय है कि तीनों सेनाओं को मिलाकर एक कमांड्स बन जाने से आने वाले समय में देश की सैन्य ताकत पहले से काफी मजबूत हो जाएगी।

New Delhi | PBNS Bureau